जानिए क्या है स्फटिक माला के मंत्र का अचूक लाभ
स्फटिक माला - Sphatik Mala
स्फटिक माला अन्य रत्नो की तरह होता है जो की सिलिकॉन और ऑक्सीज़न के एटम्स के मिलने से बना होता है यह देखने में बिलकुल कांच जैसा होता है और पारदर्शी होता है | इसका कोई भी रंग नहीं होता और इसको प्योररत्नो और वाइट क्रिस्टल भी कहा जाता है | यह रत्न बहुत ठंडी प्रवति का होता है और इसकी खूबी यह है की इसको जितनी भी धूप में रखा जाये फिर भी यह गर्म नहीं होता ठंडा रहता है |
इस रत्न को आभूषण के तौर पर शरीर पर धारण किया जाता है इसके बने हुए हार और कंगन बहुत लोकप्रिय है | स्फटिक माला में बहुत सी बीमारियों को ठीक करने की शक्ति होती है और रक्त विकार दूर करने के लिए भी बहुत उपयोगी है | पुराने समय में हमारे ऋषि, मुनि और वेद इसका इस्तेमाल करते आये है | वेद इसका भस्म का इस्तेमाल बहुत सारी बीमारियां ठीक करने के लिए इस्तेमाल करते थे और अब भी किया जाता है | वेद शास्त्रों में इसके इस्तेमाल के बहुत से फायदे बताये गए है |
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स्फटिक माला के लाभ - Sphatik Mala ke Labh
- सबसे पहले पूर्णिमा वाले दिन सूर्यास्त के समय नहा कर सफ़ेद कपडे धारण कर ले |
- फिर उतर दिशा की तरफ मुँह कर के बैठ जाएँ |
- अब अपने सामने लाल रंग का कपडा बिछा लें |
- फिर स्फटिक माला को ताम्बे के पात्र में साफ़ पानी में डाल दें |
- उसको लाल रंग के कपडे के ऊपर रख दे |
- फिर उसे सामने घी का दिया जला ले |
- अब नीचे दिए गए मंत्र का 111 बार जाप करें |
|| मंत्र: ||
” ऐं ह्रीं अक्षमालिकायै नमः।
ॐ मां माले महामाये सर्व शक्ति स्वरूपिणि।
चतुर्वर्गः त्वयि न्यस्तः तस्मान्मे सिद्धिदा भव।।”
ॐ मां माले महामाये सर्व शक्ति स्वरूपिणि।
चतुर्वर्गः त्वयि न्यस्तः तस्मान्मे सिद्धिदा भव।।”
- यह क्रिया आपने 11 दिन तक लगातार करनी है |
- 11 वें दिन माला को दोनों आखों पर लगा कर धारण कर ले |


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